International : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 ग्लासगो में भव्य समापन, भारत को मिले 39 पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का भव्य समापन: भारत ने 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर किया अभियान समाप्त

ग्लासगो, 3 अगस्त। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चले इस बहु-खेल आयोजन में 74 देशों और क्षेत्रों के लगभग 3,000 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सीमित प्रारूप में आयोजित इन खेलों में 10 खेलों की 215 पदक स्पर्धाएं हुईं।

भारत ने इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारतीय दल ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। अंतिम दिन भारत के खाते में कोई नया पदक नहीं जुड़ा, लेकिन पूरे अभियान के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई यादगार प्रदर्शन किए।

मुक्केबाजी भारतीय दल का सबसे सफल खेल रहा। जैस्मिन लांबोरिया सहित भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और जूडो में भी खिलाड़ियों ने देश को कई पदक दिलाए। एथलेटिक्स में दिलीप ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, वहीं बेसिल और श्रीशंकर ने रजत पदक अपने नाम किए।

इन खेलों में कई ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिले। स्कॉटलैंड के जोश केर ने घरेलू दर्शकों के सामने मील दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। कैमरून के इमैनुएल एसेमे ने 100 मीटर दौड़ 9.83 सेकंड में पूरी कर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। दक्षिण अफ्रीका के महान तैराक चाड ले क्लोस ने अपना 21वां कॉमनवेल्थ पदक जीतकर इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जबकि 3×3 बास्केटबॉल में इंग्लैंड ने पुरुष वर्ग का खिताब बरकरार रखा।

समापन समारोह का सबसे भावुक पल तब आया जब ग्लासगो ने कॉमनवेल्थ गेम्स का बैटन और ध्वज भारत को सौंपा। भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और “वसुधैव कुटुंबकम” के संदेश के बीच अहमदाबाद को वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी आधिकारिक रूप से सौंप दी गई। अब दुनिया की निगाहें भारत पर होंगी, जहां अगले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया जाएगा।

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