
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का ऐतिहासिक मुक्का, बॉक्सिंग में रचा नया इतिहास
ग्लासगो/नई दिल्ली, 2 अगस्त। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुक्केबाजी के इतिहास का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल हैं। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में बॉक्सिंग में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।
भारत के स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैसमीन लम्बोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर तिरंगा लहराया। वहीं लवलीना बोरगोहैन (75 किग्रा), जदुमणि सिंह और नरेंद्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किए।
भारतीय मुक्केबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में आक्रामक खेल और शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया। कई मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को एकतरफा अंदाज में हराया। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिला, जिसने दुनिया को भारतीय बॉक्सिंग की नई ताकत का एहसास कराया।
बॉक्सिंग में इस ऐतिहासिक सफलता के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में भी बड़ी छलांग लगाई। अब तक भारत के खाते में 39 पदक आ चुके हैं, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर भारत शीर्ष देशों की दौड़ में मजबूती से बना हुआ है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता भारतीय मुक्केबाजी के लिए नए युग की शुरुआत है। युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत खेल ढांचे का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दे रहा है। आने वाले ओलंपिक और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए भी इस प्रदर्शन ने भारत की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।