
दंडकारण्य दर्पण
मां की हत्या करने वाले बेटे को आजीवन कारावास, नवाखाई पर्व के दिन हुई थी वारदात
कांकेर। कांकेर जिले के मर्दापोटी गांव में अपनी ही मां की हत्या करने वाले आरोपी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी ठहराते हुए कठोर दंड दिया। यह मामला 1 सितंबर 2025 का है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना नवाखाई पर्व के दिन हुई थी। परिवार में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान आरोपी ने अपनी मां से भोजन बनाने को कहा। किसी कारणवश भोजन तैयार नहीं होने पर आरोपी गुस्से में आ गया और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने घर में रखी जलाऊ लकड़ी उठाकर अपनी मां पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या करने के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। उसने आसपास के लोगों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि उसकी मां ने आत्महत्या की है। हालांकि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में ही मामला संदिग्ध नजर आया।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि महिला की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या के कारण हुई है। जांच के दौरान जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयान ने आरोपी के झूठे दावे की पोल खोल दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े प्रत्यक्ष और परिस्थितिजन्य साक्ष्य, चिकित्सकीय रिपोर्ट तथा जांच अधिकारियों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष की दलीलों के बावजूद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य अत्यंत गंभीर और समाज के लिए चिंताजनक है। अपनी मां की निर्मम हत्या करना और उसके बाद अपराध छिपाने के लिए आत्महत्या की झूठी कहानी गढ़ना कानून की नजर में गंभीर अपराध है। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस फैसले को गंभीर अपराधों के विरुद्ध न्याय व्यवस्था की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। न्यायालय के निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों को कानून के अनुसार कठोर दंड अवश्य मिलेगा। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी ने दोष सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह मामला कांकेर जिले के मर्दापोटी गांव का है, जहां एक पारिवारिक विवाद ने मां-बेटे के रिश्ते को कलंकित कर दिया। न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।