
कैबिनेट का बड़ा फैसला: अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण, किसानों के लिए बनेगी उर्वरक उप समिति
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और अग्निवीरों से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने जहां राज्य में उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी, वहीं भारतीय सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया।
किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक
कैबिनेट ने खरीफ और रबी सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी है। यह समिति उर्वरकों की आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन की नियमित समीक्षा करेगी तथा राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव और अनुशंसाएं देगी।
उप समिति के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री होंगे। इसमें कृषि विकास एवं किसान कल्याण, सहकारिता और वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री सदस्य रहेंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक होंगे। आवश्यकता पड़ने पर समिति संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकेगी।
अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण
मंत्रिपरिषद ने अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के उद्देश्य से बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की तृतीय श्रेणी की सीधी भर्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। यह आरक्षण पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर लागू होगा।
इस संबंध में “छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026” बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
किन्हें मिलेगा लाभ
आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल
यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके अनुशासन, प्रशिक्षण तथा अनुभव का लाभ पुलिस, वन एवं जेल विभागों को भी मिलेगा।