
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि गौ संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और गौ संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। मुख्यमंत्री सोमवार को रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित होने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया तथा गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य और प्रकृति संरक्षण की मजबूत कड़ी भी है। उन्होंने गौ विज्ञान परीक्षा को बच्चों में गाय के वैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की समझ विकसित करने की सराहनीय पहल बताया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों और महाविद्यालयों के 1 लाख 64 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने गौ विज्ञान परीक्षा में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने इसे नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और वैज्ञानिक सोच के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत बताया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने परिवार और समाज में गौ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही गौ संरक्षण को स्थायी आधार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गौशालाओं के विकास, पशुपालकों के सहयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इसके अलावा सुरभि गौधाम योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं, जहां पशुओं के लिए बेहतर देखभाल और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पाद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। राज्य सरकार ऐसे उत्पादों के निर्माण और प्रशिक्षण को भी प्रोत्साहित करेगी, ताकि गौपालन आय का सशक्त माध्यम बन सके।
उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास के नए दौर के साथ डेयरी क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से देसी गाय उपलब्ध कराने की योजना शुरू की गई है, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरकार इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। वहीं, गौ सेवा गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक अजीत महापात्र ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति सम्मान विकसित कर रही है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा के तीनों वर्गों के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 31 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
दंडकारण्य दर्पण