
रायपुर, 18 जुलाई 2026। रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह 2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन मानव बुद्धि, मौलिक सोच और अध्ययन की आदत का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
राज्यपाल ने कहा कि आज इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अपनी सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को लगातार विकसित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गूगल और एआई उपयोगी साधन हैं, परंतु ये मानव बुद्धि का स्थान नहीं ले सकते।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई और आवश्यक कार्यों तक सीमित होना चाहिए। किसी भी प्रकार की लत व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करती है।
राज्यपाल ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी का लक्ष्य केवल आईआईटी या मेडिकल नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विभिन्न क्षेत्रों में करियर के अनेक अवसर उपलब्ध हैं और हर बच्चे में अलग प्रतिभा होती है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सफलता उसकी मेहनत, लगन और संकल्प पर निर्भर करती है, न कि उसकी पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि पर। संतुष्ट और सकारात्मक जीवन ही वास्तविक सफलता का आधार है।
विशिष्ट अतिथि एवं विधायक तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि शिक्षा ही विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य तक पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम है। वहीं विधायक पुरंदर मिश्रा ने अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की भावना को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन के साथ की। अंत में मुख्य योजना समन्वयक श्रीमती शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।
समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, मेधावी विद्यार्थी, उनके अभिभावक तथा बड़ी संख्या में अतिथि उपस्थित रहे।