CG News: बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू, नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त का विधानसभा में उल्लेख

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, सुरक्षा बलों के साहस, जनसहयोग और पुनर्वास नीति से बदली बस्तर की तस्वीर, अब विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा संभाग

दंडकारण्य दर्पण 

 

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान और विकास कार्यों पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि दशकों तक नक्सली हिंसा ने बस्तर के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। अब केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से बस्तर शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की रणनीति, सुरक्षा अभियानों और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल और सभी सुरक्षा एजेंसियों के साहस और समर्पण की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास आधारित समन्वित रणनीति तैयार की गई। इसी रणनीति के तहत सुरक्षा अभियानों को मजबूत करने के साथ-साथ दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंचाने का कार्य भी तेज गति से किया गया।

 

उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2024 को रायपुर में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी गई। स्वयं मुख्यमंत्री ने बस्तर के कई दौरे कर सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया और ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के लिए राज्य सरकार ने मानवीय पुनर्वास नीति लागू की है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सम्मानजनक जीवन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने हथियार छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने का निर्णय लिया है।

 

उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से बस्तर को देश का अग्रणी जनजातीय संभाग बनाने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के तहत 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे 5,542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सुरक्षा शिविरों को अब ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नागरिक सुविधाएं, जनसेवाएं और आजीविका से जुड़े कार्य एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।

 

स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। वहीं ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत सुरक्षा शिविरों के 10 किलोमीटर दायरे में आने वाले 525 गांवों में 17 विभागों की 43 योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है।

 

उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में 6.79 लाख राशन कार्ड, 17 लाख जनधन खाते, 24.66 लाख आधार कार्ड, 22 लाख आयुष्मान कार्ड, 1.18 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र और 3.89 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए गए हैं।

 

शिक्षा और आधारभूत ढांचे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित 240 गांवों में बंद पड़े 458 विद्यालयों में से 421 विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू किया जा चुका है तथा 36 नए विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना, जगदलपुर हवाई सेवाओं का विस्तार और रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं बस्तर की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देंगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को खेल और संस्कृति से जोड़कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है। इन आयोजनों में चार लाख से अधिक लोगों की भागीदारी दर्ज की गई।

 

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की एकीकृत रणनीति के माध्यम से बस्तर अब शांति, विश्वास, अवसर और समृद्धि के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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