
दंडकारण्य दर्पण
कोंडागांव संवाददाता – धनेन्द्र निषाद
कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत आलोर–सरगीपाल मार्ग पर मंगलवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक महंगूराम कोर्राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार ग्रामीण बैंक कर्मचारी धर्मेंद्र नाग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महंगूराम कोर्राम ट्रैक्टर लेकर अपने खेत की ओर जा रहे थे। वहीं बड़ेडोंगर निवासी धर्मेंद्र नाग, जो फरसगांव स्थित ग्रामीण बैंक में पदस्थ हैं, प्रतिदिन की तरह अपनी ड्यूटी के लिए बाइक से फरसगांव जा रहे थे। इसी दौरान आलोर–सरगीपाल मार्ग पर दोनों वाहनों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर और बाइक दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के दौरान महंगूराम कोर्राम ने अपनी जान बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर से छलांग लगा दी, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण वह ट्रैक्टर के पिछले पहिए की चपेट में आ गए। गंभीर चोट लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक सवार धर्मेंद्र नाग के सीने, कंधे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल धर्मेंद्र नाग को बड़ेडोंगर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही फरसगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ।
इस दुर्घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक महंगूराम कोर्राम के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आलोर–सरगीपाल मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक, गति नियंत्रण के उपाय और नियमित निगरानी की व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने, आवश्यक संकेतक लगाने और नियमित यातायात निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।