
रायपुर, 13 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन दिवंगत लोक कलाकार और पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चोरी के मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य के बाहर के विषयों पर चर्चा करने की परंपरा नहीं है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के पास प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों का अभाव है। उनका कहना था कि जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा करने के बजाय कांग्रेस ऐसे मामलों को सदन में उठाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जिनका छत्तीसगढ़ से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि विधानसभा प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का मंच है। राज्य के बाहर की घटनाओं को लेकर सदन का समय व्यर्थ करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा विधायक मोतीलाल साहू ने भी विपक्ष के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास, किसानों, युवाओं और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा कर रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि विधानसभा की अपनी मर्यादा और कार्यप्रणाली है। राज्य के बाहर के मामलों को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाना परंपरा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह केवल राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस विषय पर राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि जनता ऐसे प्रयासों को भली-भांति समझती है।
मानसून सत्र के पहले ही दिन इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली। आने वाले दिनों में सदन के दौरान विभिन्न जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।