
दंडकारण्य दर्पण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। भाजपा विधायक शकुंतला पोर्ते द्वारा शराबबंदी को लेकर अपनी पीड़ा सार्वजनिक किए जाने के बाद इस विषय पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
मामले में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि शराब एक सामाजिक बुराई है और इससे मुक्ति के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज को भी जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक सहभागिता के बिना शराबबंदी जैसे विषय पर प्रभावी परिणाम हासिल करना आसान नहीं है।
कांग्रेस द्वारा किए जा रहे राजनीतिक तंज पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि तंज कसना कांग्रेस की राजनीतिक शैली बन गई है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है और वह उसी भूमिका का निर्वहन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एक-दूसरे पर तंज कसने से भी नहीं चूकती।
शराबबंदी का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में भाजपा नेताओं के ताजा बयान के बाद एक बार फिर इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।