
दंडकारण्य दर्पण
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के दो दिवसीय चिंतन शिविर की शुरुआत के साथ ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा के चिंतन शिविर को “चिंता शिविर” करार देते हुए इसे मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव से पहले की कवायद बताया। कांग्रेस के इस हमले पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने और राजनीतिक बयानबाजी करने में लगी हुई है।
अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की चाटुकार पार्टी बनकर रह गई है और उसे जनता के हित, सुशासन तथा विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा का चिंतन शिविर प्रदेश के विकास, बेहतर प्रशासन और जनकल्याण की योजनाओं को नई दिशा देने के लिए आयोजित किया गया है, लेकिन कांग्रेस इसके महत्व को कभी समझ नहीं सकती।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि यदि अभी निष्पक्ष चुनाव हो जाएं तो भाजपा इतनी ही सीटें जीत पाएगी कि उसके विधायक एक इनोवा गाड़ी में समा जाएं। इस बयान पर अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि बार-बार चुनाव हारने के बावजूद कांग्रेस अपनी वास्तविक स्थिति को समझ नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है और वहां उसकी स्थिति बेहद खराब है।
अरुण साव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है और जनता का विश्वास सरकार के साथ है। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति पर आत्ममंथन करे। चिंतन शिविर को लेकर दोनों दलों के बीच तेज हुई बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।