
दण्डकारण्य दर्पण
रायपुर। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के लिए शाला अनुदान की पहली किस्त जारी कर दी है। प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों के लिए 55 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के 45 हजार 988 सरकारी स्कूलों को लाभ मिलेगा और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
जारी किए गए अनुदान का उपयोग विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुल अनुदान राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्कूलों की साफ-सफाई पर अनिवार्य रूप से खर्च किया जाएगा। इसके तहत फिनाइल, झाड़ू, बाल्टी, मग, हैंडवॉश और अन्य आवश्यक सफाई सामग्री की खरीद स्वच्छता एक्शन प्लान के अंतर्गत की जाएगी।
अनुदान राशि का उपयोग विद्यालयों में बिजली, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, छोटे-मोटे मरम्मत कार्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शाला अनुदान के उपयोग का निर्णय संबंधित विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति की बैठक में लिया जाएगा। समिति स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर प्राथमिकताएं तय करेगी, जिससे राशि का उपयोग पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो सके।
शाला अनुदान की राशि का भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी रहे। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में समय पर अनुदान जारी होने से विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है।