
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बुधवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र मंडल अध्यक्ष को भेजने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक कर दिया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
रवि भगत पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली को लेकर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। उनके लगातार सामने आ रहे बयानों के बीच आखिरकार उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। ऐसे में उनके इस्तीफे को संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष और मतभेद से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रवि भगत का इस्तीफा भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी सक्रिय भूमिका और संगठन में मजबूत पकड़ को देखते हुए उनके इस कदम के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे के बाद अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं।
रवि भगत के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वे भविष्य में किस राजनीतिक दिशा का चुनाव करते हैं और भाजपा संगठन इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है।