
रायपुर। देशभर में आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश जारी किया है। अदालत ने केंद्र और सभी राज्यों को तीन महीने के भीतर विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर केवल डायल-112 के माध्यम से संचालित करने के आदेश दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को पुलिस, अग्निशमन और एंबुलेंस जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित 100, 101, 102, 108, 1091, 1033 सहित अन्य आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को डायल-112 में समाहित किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर संबंधित विभाग तक सूचना पहुंचेगी और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी।
छत्तीसगढ़ में भी इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पुलिस, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म से संचालित करने की दिशा में आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता और उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। अदालत का मानना है कि एकीकृत आपातकालीन प्रणाली लागू होने से प्रतिक्रिया समय कम होगा और लोगों को तेजी से सहायता मिल सकेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद डायल-112 देश का सार्वभौमिक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर बन जाएगा, जिससे आम नागरिकों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी आपातकालीन सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।