
नारायणपुर। पहली ही बारिश ने प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला मुख्यालय के ओरछा समग्र शिक्षा कार्यालय BRC पर आकाशीय बिजली गिरने से कार्यालय में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि शासकीय अवकाश होने के कारण कार्यालय में कर्मचारी मौजूद नहीं थे, जिससे जनहानि टल गई।
सबसे गंभीर बात यह रही कि समग्र शिक्षा कार्यालय के ठीक बगल में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास संचालित है, जहां घटना के समय सैकड़ों छात्राएं मौजूद थीं। यदि आकाशीय बिजली का प्रभाव छात्रावास तक पहुंचता तो बड़ा हादसा हो सकता था। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और भारी बारिश के बीच काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय से लगभग 20 मीटर की दूरी पर दूरदर्शन का टावर स्थित है, जहां तड़ित चालक (Lightning Arrestor) लगा हुआ बताया जाता है। इसके बावजूद आकाशीय बिजली का सीधे शिक्षा विभाग के भवन पर गिरना इस बात की ओर संकेत करता है कि तड़ित सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव में कहीं न कहीं गंभीर कमी हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तड़ित चालक और अन्य सुरक्षा उपकरणों का समय-समय पर परीक्षण किया जाता, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। अब सवाल यह है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन आखिर किस स्तर पर हो रहा है और इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा।