
दंडकारण्य दर्पण
नारायणपुर। पंजाब नेशनल बैंक शाखा नारायणपुर में हुए बहुचर्चित बैंक धोखाधड़ी मामले में नारायणपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बैंकिंग प्रणाली में फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये की हेराफेरी करने वाले गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार मामले में अब तक कुल 30 लाख 67 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बैंक के निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय कर, फर्जी केवाईसी और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से खाताधारकों की जानकारी के बिना रकम निकाली गई। मामले की शुरुआत पंजाब नेशनल बैंक नारायणपुर के शाखा प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत शिकायत और बैंक की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर हुई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि बैंक कर्मचारी, रिकवरी एजेंट और बीसी सेंटर संचालकों की मिलीभगत से वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों में पहले मामूली राशि जमा कर उन्हें सक्रिय किया गया और बाद में फर्जी दस्तावेजों के जरिए खातों से रकम निकाली गई। ऑडिट रिपोर्ट में 18 खातों से करीब 8.92 लाख रुपये की फर्जी निकासी का उल्लेख किया गया है।
विवेचना में यह भी पाया गया कि कई लेन-देन बीसी सेंटरों के माध्यम से किए गए। जांच के अनुसार एक बीसी सेंटर से 6.27 लाख रुपये तथा दूसरे सेंटर से 15.47 लाख रुपये की निकासी की गई। इसके अलावा रकम को आरोपियों एवं उनके परिचितों के खातों में स्थानांतरित किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं।
पुलिस ने अब तक बैंक दस्तावेज, खातों से संबंधित अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। मामले में पूर्व में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने अशोक जैन, सुनैना समुंद और रामकरण साहू को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान उनके कब्जे से बैंक पासबुक एवं अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच जारी है तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। आर्थिक अपराधों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।