
नारायणपुर। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय पशु चिकित्सालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। नसबंदी के लिए अस्पताल ले जाए गए एक पालतू कुत्ते की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सालय के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है।
महाका पंचायत निवासी प्रतिमा सलाम ने दंडकारण्य दर्पण को बताया कि वह अपने पालतू कुत्ते को नसबंदी के लिए पशु चिकित्सालय लेकर गई थीं। अस्पताल में उन्हें कुत्ते को छोड़कर घर जाने के लिए कहा गया। कुछ घंटों बाद जब वह वापस अस्पताल पहुंचीं तो उनका पालतू कुत्ता मृत अवस्था में मिला। प्रतिमा का आरोप है कि नसबंदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनके पालतू कुत्ते की जान चली गई।
परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों से मौत का कारण पूछा तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। आरोप है कि कर्मचारियों ने अधिक दवा या अधिक डोज दिए जाने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। इससे परिवार का गुस्सा और बढ़ गया।
प्रतिमा सलाम ने कहा कि उनका पालतू कुत्ता केवल एक जानवर नहीं था, बल्कि परिवार का सदस्य था। परिवार के सभी लोग उसे बेहद प्यार करते थे। उसकी अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल में उपचार और नसबंदी की प्रक्रिया सही तरीके से की जाती तो उनके पालतू कुत्ते की जान बच सकती थी।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और पशुओं के उपचार में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद क्षेत्र में पशुपालकों के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो आम नागरिकों का भरोसा प्रभावित होगा। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की जांच कर न्याय दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
नोट: यह खबर पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में पशु चिकित्सालय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।