
अवैध धर्मांतरण के विरोध में नारायणपुर में जनजातीय समाज का प्रदर्शन, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
नारायणपुर। भरंडा में कथित धर्मांतरण गतिविधियों के विरोध में शनिवार को नारायणपुर जिले के बखरूपारा स्थित बाजार पारा में जनजातीय समाज ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, ग्राम सभा प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि 9 जून 2026 को ग्राम मंड़ा में धर्मांतरण गतिविधियों, जनजातीय आस्था एवं परंपराओं के कथित अपमान तथा ग्रामीणों को प्रभावित करने के प्रयासों को लेकर संबंधित थाने में लिखित शिकायत दी गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शन के दौरान जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि यदि राज्य में धर्म स्वतंत्रता से संबंधित कानून प्रभावी है, तो इस मामले में अब तक निष्पक्ष जांच और कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच की जा रही है तो उसकी वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल ग्राम मंड़ा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक आस्था, परंपरा और जनजातीय पहचान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
ज्ञापन में राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने, आरोप सत्य पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने तथा जनजातीय आस्था, संस्कृति, परंपराओं और ग्राम सभा के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो जनजातीय समाज लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहकर अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि जनजातीय समाज अपनी आस्था, संस्कृति और परंपरा की रक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।