
विग्रह से विश्वास की ओर: 15 वर्षों बाद अपने गांव लौटे 9 परिवार, छिनारी में हुआ आत्मीय स्वागत
नारायणपुर। नक्सली हिंसा और उत्पीड़न के कारण लगभग 15 वर्षों से अपने ही गांव से दूर जीवन बिता रहे 9 परिवारों की ग्राम पंचायत छिनारी में सम्मानजनक वापसी हुई है। पुलिस, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से वर्षों पुराने सामाजिक मतभेदों का समाधान हुआ और इन परिवारों को पुनः अपने पैतृक गांव में बसने का अवसर मिला।
इस संबंध में 18 जून को ग्राम पंचायत छिनारी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आपसी संवाद और सहमति के माध्यम से लंबे समय से लंबित विषय का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया तथा विस्थापित परिवारों को गांव में पुनर्वास की सामाजिक स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, ग्राम पंचायत छिनारी की सरपंच मंगती सलाम, उप सरपंच नगसु गावड़े, एसडीओपी अविनाश कंवर, थाना प्रभारी सीताराम सागर सहित ग्राम के वरिष्ठ नागरिक, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और आपसी विश्वास को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
जानकारी के अनुसार नक्सली उत्पीड़न के कारण इन परिवारों को वर्षों पहले अपना गांव छोड़ना पड़ा था। लंबे समय तक विस्थापन का जीवन जीने के बाद अब पुलिस और प्रशासन के सतत प्रयासों, संवाद और समन्वय के चलते उन्हें अपने पैतृक गांव लौटने का अवसर मिला है। गांव लौटने पर ग्रामीणों ने सभी परिवारों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें पुनः गांव के सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का भरोसा दिलाया।
वापसी करने वाले परिवार अब अपने गांव में घर निर्माण कर सकेंगे तथा खेती-किसानी और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत करेंगे। इससे उन्हें अपने पारंपरिक सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश से दोबारा जुड़ने का अवसर मिलेगा और गांव के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
नारायणपुर पुलिस और जिला प्रशासन की यह पहल सामाजिक पुनर्स्थापना, आपसी विश्वास और स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। “विग्रह से विश्वास की ओर” की भावना को साकार करते हुए क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।