CG News: अबूझमाड़ के मसपुर में माड़ रक्षा सेवा संस्था का जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्ति और शिक्षा का संदेश

महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन, बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित; ग्रामीणों के साथ सांस्कृतिक सहभागिता कर स्थानीय परंपराओं को दिया सम्मान

 

महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन, बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित; ग्रामीणों के साथ सांस्कृतिक सहभागिता कर स्थानीय परंपराओं को दिया सम्मान

 

 

अबूझमाड़ के सुदूर एवं दुर्गम ग्राम मसपुर में माड़ रक्षा सेवा संस्था, नारायणपुर द्वारा सहायता एवं जनजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था पिछले सात वर्षों से अबूझमाड़ क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मसपुर में आयोजित शिविर के दौरान ग्रामीण परिवारों को नए कपड़े एवं चप्पलों का वितरण किया गया। वहीं महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सेनेटरी नैपकिन भी वितरित किए गए।

 

कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई, ताकि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके। इस अवसर पर संस्था की टीम ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति, शिक्षा का महत्व, स्वच्छता, सामाजिक कुरीतियों के दुष्प्रभाव तथा समाज में सकारात्मक बदलाव जैसे विषयों पर प्रभावी संदेश दिया।

 

नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को बताया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक एकता ही विकास की मजबूत नींव हैं। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संस्था के प्रयासों की सराहना की।

 

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि संस्था के सदस्यों और ग्रामीणों ने मिलकर पारंपरिक गोंडी गीतों का गायन किया तथा गोटुल में सामूहिक नृत्य कर स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच आत्मीय संवाद और सांस्कृतिक समन्वय का वातावरण देखने को मिला।

 

कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष शशांक तिवारी, सचिव कोमल उसेंडी सहित संदीप मिश्रा, सदफ़ अंजुम, कनेश्वरी दुग्गा, अम्बिका नाग, धनेश्वरी परिहार, विनय चंदेल, हिमांशु कोर्राम, रोशन मंडावी एवं अभय पटेल उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अबूझमाड़ क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला जागरूकता, सहायता शिविर एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।

 

 

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