CG News: नारायणपुर पुलिस ने डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता परखा, औचक परीक्षण में जांचा रिस्पांस टाइम

वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से जनरेट किए टेस्ट इवेंट, त्वरित कार्रवाई पर टीम की सराहना

दण्डकारण्य दर्पण

 

नारायणपुर पुलिस ने डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता परखा, औचक परीक्षण में जांचा रिस्पांस टाइम

 

वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से जनरेट किए टेस्ट इवेंट, त्वरित कार्रवाई पर टीम की सराहना

 

नारायणपुर।

 

आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस द्वारा संचालित डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली, रिस्पांस टाइम और संसाधनों की कार्यक्षमता का विशेष औचक परीक्षण किया गया। इस दौरान जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से टेस्ट इवेंट जनरेट कर सेवा की गुणवत्ता और तत्परता का आकलन किया।

निरीक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक, एसडीओपी नारायणपुर लोकेश बंसल, एसडीओपी छोटेडोंगर अभिषेक केसरी, एसडीओपी बेनूर अविनाश कंवर सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने डायल-112 सेवा के संचालन, संचार व्यवस्था और घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया।

 

परीक्षण के दौरान एसडीओपी छोटेडोंगर अभिषेक केसरी ने डायल-112 कंट्रोल रूम में कॉल कर दो मोटरसाइकिलों की टक्कर और उसके बाद मारपीट की सूचना देते हुए एक टेस्ट इवेंट जनरेट कराया। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित ईआरवी वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया।

 

इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार स्वयं डायल-112 वाहन में सवार होकर घटनास्थल तक पहुंचे और कंट्रोल रूम से सूचना मिलने से लेकर मौके तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। निर्धारित समय सीमा के भीतर टीम द्वारा दिए गए त्वरित रिस्पांस पर उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की।

 

निरीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ के बीच समन्वय, सूचना आदान-प्रदान की प्रक्रिया, घटनास्थल तक पहुंचने में लगने वाला समय तथा मौके पर की जाने वाली कार्रवाई का भी परीक्षण किया गया। साथ ही डायल-112 वाहनों में उपलब्ध जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, वायरलेस संचार उपकरण, टैबलेट आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम, सायरन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, प्राथमिक उपचार सामग्री और सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की भी जांच की गई।

 

अधिकारियों ने डायल-112 स्टाफ को निर्देश दिए कि महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, मारपीट और अन्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को समय पर सहायता मिल सके।

 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने कहा कि डायल-112 सेवा संकट की घड़ी में नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता तंत्र है। इसकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के औचक परीक्षण और निरीक्षण किए जाते रहेंगे।

 

नारायणपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डायल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी, तकनीकी रूप से सक्षम तथा जनहितकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

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