
दण्डकारण्य दर्पण
समाधान शिविर में किसान किताब मिलने से खिल उठे किसानों के चेहरे
सुशासन तिहार 2026 के तहत जिले में आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधाओं का माध्यम बनते जा रहे हैं। शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे गांवों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे इन शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम गौरदंड में आयोजित समाधान शिविर में किसान किताब मिलने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
शिविर में ग्राम चमेली निवासी किसान बोतनी और ग्राम गौरदंड निवासी किसान प्यारेलाल बेलसारिया को किसान किताब प्रदान की गई। लंबे समय से इस महत्वपूर्ण दस्तावेज की प्रतीक्षा कर रहे दोनों किसानों ने इसे प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। किसानों ने बताया कि किसान किताब कृषि कार्यों से जुड़ा एक आवश्यक दस्तावेज है, जिसकी मदद से विभिन्न शासकीय योजनाओं, कृषि ऋण, बीज एवं खाद वितरण सहित अन्य सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होती है।
दोनों किसानों ने बताया कि उन्होंने किसान किताब के लिए आवेदन किया था। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में उनके आवेदन का निराकरण करते हुए मौके पर ही किसान किताब उपलब्ध करा दी गई। इससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली और गांव में ही उनकी समस्या का समाधान हो गया।
किसान बोतनी ने कहा कि शासन की यह पहल किसानों के लिए बेहद उपयोगी है। वहीं प्यारेलाल बेलसारिया ने समाधान शिविरों को जनहितकारी बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब शासन की योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय है कि जिले के विभिन्न ग्रामों में लगातार समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां नागरिकों की मांगों और समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत होने के साथ-साथ शासकीय सेवाओं की पहुंच भी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक प्रभावी और सराहनीय प्रयास बताया है।