
झीरम मुद्दे पर कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए : केदार कश्यप
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री Kedar Kashyap ने झीरम घाटी घटना को लेकर कांग्रेस द्वारा दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शहीद नेताओं की संवेदनाओं का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है और भाजपा पर निराधार आरोप लगाकर अपनी विफलताओं को छिपाना चाहती है।
केदार कश्यप ने कहा कि झीरम घाटी की घटना पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए अत्यंत दुखद और हृदय विदारक थी। इस घटना में कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सुरक्षाकर्मियों ने अपने प्राण गंवाए थे। भाजपा हमेशा इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने के पक्ष में रही है, लेकिन कांग्रेस लगातार इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2023 तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही, तब जांच को अंतिम निष्कर्ष तक क्यों नहीं पहुंचाया गया। यदि कांग्रेस के पास पर्याप्त तथ्य और सबूत थे तो पांच वर्षों तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। केवल राजनीतिक बयानबाजी से सत्य स्थापित नहीं होता।
वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में गठित एसआईटी ने क्या ठोस उपलब्धि हासिल की। कांग्रेस सरकार ने केवल आश्वासन दिए, लेकिन परिणाम सामने नहीं आए। अब सत्ता से बाहर होने के बाद भाजपा पर झूठे आरोप लगाकर राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश की जा रही है।
केदार कश्यप ने भाजपा पर लगाए जा रहे षड्यंत्र और जांच रोकने जैसे आरोपों को तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन प्रक्रिया संविधान और कानून के अनुसार चलती है। किसी भी पक्ष द्वारा कानूनी अधिकारों का उपयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, इसे षड्यंत्र बताना कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि नक्सलवाद के नाम पर दशकों तक राजनीति करने वालों ने बस्तर को क्या दिया। भाजपा सरकार आज बस्तर में विकास, विश्वास और सुरक्षा का माहौल तैयार कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं के जरिए बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही।
वन मंत्री ने कहा कि भाजपा शहीदों के सम्मान में राजनीति नहीं करती, बल्कि उनके सपनों का सुरक्षित और विकसित बस्तर बनाने के लिए काम कर रही है। कांग्रेस को चाहिए कि वह शहीद नेताओं की स्मृति का सम्मान करे और इस संवेदनशील विषय पर राजनीति बंद करे।