
दण्डकारण्य दर्पण
छत्तीसगढ़ में बदला खाद वितरण का फार्मूला
किसानों को अब सीमित मात्रा में मिलेगा यूरिया और डीएपी, नैनो उर्वरकों पर बढ़ा जोर
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 के लिए खाद वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। कृषि विभाग द्वारा जारी नए फॉर्मूले के तहत अब किसानों को यूरिया और डीएपी की निर्धारित मात्रा में ही आपूर्ति की जाएगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना और वैकल्पिक उर्वरकों को प्रोत्साहित करना है।
नई व्यवस्था के अनुसार किसानों को अब केवल 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का वितरण किया जाएगा। शेष आवश्यकता की पूर्ति नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के माध्यम से करने की योजना बनाई गई है।
कृषि विभाग ने खाद वितरण को किसानों की भूमि और श्रेणी के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बांटने का निर्णय लिया है। सीमांत किसानों को निर्धारित मात्रा में खाद एकमुश्त उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि छोटे किसानों को दो किस्तों और बड़े किसानों को तीन किस्तों में खाद दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसे में नैनो और वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देकर खेती को अधिक संतुलित और टिकाऊ बनाने की कोशिश की जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नई व्यवस्था से खाद की अनावश्यक खपत पर नियंत्रण लग सकता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नैनो उर्वरकों की उपलब्धता और किसानों को इसके उपयोग के प्रति जागरूक करना बड़ी चुनौती रहेगा।
खरीफ सीजन शुरू होने से पहले लागू की गई इस नई व्यवस्था को लेकर किसानों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई किसान इसे संतुलित खेती की दिशा में कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ किसानों को समय पर पर्याप्त खाद मिलने को लेकर चिंता भी है।
राज्य सरकार का कहना है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी।