
जनजाति गरिमा उत्सव “सबसे दूर, सबसे पहले” थीम पर जनजातीय अभियान की शुरुआत
जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गांवों में लगाए जाएंगे जन भागीदारी अभियान की शिविर
नारायणपुर, 21 मई 2026// जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत आज जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर नम्रता जैन ने जिला स्तरीय अधिकारियों एवं नामित नोडल अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इसके तहत जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गांवों में विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे, आदि कर्म योगी योजना के अंतर्गत 255 गांव में और पीएम जनमन के तहत 204 गांव में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ते हुए आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अभियान के अंतर्गत 18 मई से 25 मई 2026 तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में स्वास्थ्य जांच, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, पात्रता अनुसार लाभ वितरण तथा विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला स्तर पर पीएमबीसी अभियान “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” थीम पर संचालित किया जाएगा। इसके तहत दूरस्थ क्षेत्रों में जमीनी संपर्क बढ़ाने, सेवा संतृप्ति सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने तथा आमजन की समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही कर्मयोगी अभियान अंतर्गत निर्मित आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने एवं त्वरित निराकरण की व्यवस्था भी की जाएगी। आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत 255 गांव में अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर नम्रता जैन ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बताया कि अभियान के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में शासन और ग्रामीणों के बीच संवाद को और मजबूत किया जाएगा। ग्रामीणों को उनके अधिकारों, योजनाओं और सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। कलेक्टर ने जिले के जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों एवं ग्रामीण नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय गरिमा उत्सव अभियान आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल का साबित होगा।