
दंडकारण्य दर्पण
भीषण गर्मी में भी पानी से लबालब अबूझमाड़ की नदी, पर्यटकों को आकर्षित कर रहा कदेर और बलेबेड़ा गांव
नारायणपुर। अबूझमाड़ के कदेर और बा लेबेड़ा गांव इन दिनों अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और विशाल नदी की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। भीषण गर्मी के बावजूद यहां की नदी पूरी तरह पानी से लबालब भरी हुई है, जो इस क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि और जल स्रोतों की विशेषता को दर्शाती है।
लगभग 10 किलोमीटर लंबी और गहरी यह नदी शांत, स्वच्छ और मनमोहक वातावरण के बीच बहती है। चारों ओर फैली हरियाली, घने जंगल, पहाड़ों की खूबसूरती और प्रकृति की गोद में बसे गांव यहां आने वाले लोगों को अलग ही सुकून और रोमांच का एहसास कराते हैं। नदी का साफ पानी और प्राकृतिक दृश्य किसी पर्यटन स्थल से कम नजर नहीं आते।
स्थानीय लोगों के अनुसार भीषण गर्मी के मौसम में भी नदी का जलस्तर बना रहना इस क्षेत्र की खास पहचान है। यही वजह है कि कदेर और बलेबेड़ा गांव अब धीरे-धीरे प्रकृति प्रेमियों, पर्यटकों और एडवेंचर पसंद लोगों के बीच खास पहचान बना रहे हैं। यहां पहुंचने वाले लोग नदी की विशालता और प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।
यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से बेहद संभावनाओं से भरा हुआ माना जा रहा है। यदि यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, सड़क, ठहरने और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं विकसित की जाएं, तो आने वाले समय में यह इलाका प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अभी तक इस क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। यही कारण है कि इतना सुंदर इलाका आज भी लोगों से कोसों दूर और काफी हद तक अनजान बना हुआ है। यदि सरकार इस ओर विशेष ध्यान दे और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करे, तो अबूझमाड़ का यह क्षेत्र पूरे राज्य का सबसे बड़ा और आकर्षक पर्यटन स्थल बन सकता है। आने वाले समय में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं, जिससे क्षेत्र के विकास के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।