
दंडकारण्य दर्पण
छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं के सम्मान एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर तैयार इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है और नई व्यवस्था प्रभावी हो गई है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके निधन की स्थिति में उनके जीवनसाथी को केवल एक बार प्रदान की जाएगी। ₹25 लाख तक की संपत्ति पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की राहत मिलेगी। यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों को सम्मान देने और उनके आवास संबंधी खर्च को कम करने की दिशा में यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, ऐसे में नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा। संबंधित सैनिक, पूर्व सैनिक अथवा विधवा होने के प्रमाण दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
सरकार के इस फैसले को सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।