
आमदई माइंस के वादों पर सवाल, सड़क बदहाल तो ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
छोटेडोंगर, नारायणपुर:
आमदई माइंस क्षेत्र में वादों के विपरीत हालात बिगड़ते जा रहे हैं। माइंस शुरू हुए करीब चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी न तो मुख्य सड़क की स्थिति सुधरी है और न ही क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं विकसित हो पाई हैं। लगातार बढ़ती समस्याओं से नाराज ग्रामीणों ने आखिरकार सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों का आरोप है कि माइंस शुरू कराने के समय बेहतर सड़क, रोजगार और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। आज स्थिति यह है कि क्षेत्र की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों का आवागमन भी मुश्किल हो गया है।
माइंस से निकलने वाले भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और ओवरलोडिंग ने सड़क को और अधिक नुकसान पहुंचाया है। दिन-रात उड़ती धूल से पूरा इलाका प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि इस धूल और खराब सड़क की वजह से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर असर
धूल और खराब सड़कों के कारण कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं, जिनमें सांस से जुड़ी समस्याएं, दमा, एलर्जी, आंखों में जलन, त्वचा रोग और लगातार खांसी जैसी दिक्कतें शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में ये समस्याएं ज्यादा गंभीर रूप ले रही हैं।
कामकाज पर असर
सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ रहा है। किसानों को फसल लाने-ले जाने में दिक्कत हो रही है, मजदूर समय पर काम तक नहीं पहुंच पा रहे, और स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छोटे व्यापारियों का कारोबार भी धीमा पड़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही के चलते लोग अब सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं।
प्रशासन पर सवाल
ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर जल्द ही सड़क मरम्मत, धूल नियंत्रण और मूलभूत सुविधाओं पर काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और लोग समाधान की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।