
दंडकारण्य दर्पण
कांकेर में अनोखी बारात: बैलगाड़ी में सजी दूल्हे की शाही एंट्री, परंपरा बनी आकर्षण का केंद्र
कांकेर। आधुनिकता के इस दौर में जहां शादियों में महंगी गाड़ियों और दिखावे का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कांकेर जिले से एक ऐसी बारात सामने आई है जिसने सादगी और परंपरा की मिसाल पेश कर दी है। यहां एक दूल्हे ने अपनी बारात बैलगाड़ी में निकालकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
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परंपरा के साथ निकली बारात, गांव-गांव बना चर्चा का विषय
यह अनोखी बारात चवाड़ गांव से करीब 6 से 7 किलोमीटर दूर स्थित ढेकुना गांव तक पूरी तरह पारंपरिक अंदाज में पहुंची। खास बात यह रही कि केवल दूल्हा ही नहीं, बल्कि बारात में शामिल सभी बाराती भी बैलगाड़ियों में सवार होकर इस यात्रा का हिस्सा बने।
ग्रामीण परिवेश में सजी-धजी बैलगाड़ियों और पारंपरिक वेशभूषा में बारातियों ने पूरे उत्साह के साथ इस पल का आनंद लिया। रास्तेभर यह बारात लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।
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सादगी और संस्कृति का संदेश
इस अनूठी पहल को बढ़ती महंगाई और फिजूलखर्ची के बीच एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जहां आजकल शादियों में दिखावे पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, वहीं इस बारात ने सादगी और परंपरा को प्राथमिकता देकर एक अलग उदाहरण पेश किया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज को सादगीपूर्ण विवाह की ओर प्रेरित करते हैं और हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखते हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों ने की सराहना
पारंपरिक अंदाज में निकली यह बारात अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे न केवल एक अनोखा आयोजन मान रहे हैं, बल्कि इसे एक प्रेरणादायक पहल भी बता रहे हैं।