Big News: नारायणपुर में हादसों का काला दिन: मां समेत दो मासूमों की डूबने से मौत, सड़क दुर्घटनाओं में कई घायल, वन मंत्री पहुंचे अस्पताल

नारायणपुर में हादसों का काला दिन: मां समेत दो मासूमों की डूबने से मौत, सड़क दुर्घटनाओं में कई घायल, वन मंत्री पहुंचे अस्पताल

 

नारायणपुर, 19 अप्रैल 2026। जिले में आज का दिन दर्दनाक घटनाओं से भरा रहा, जहां एक के बाद एक चार बड़ी घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। डूबने की घटना से लेकर सड़क दुर्घटनाओं तक हुई इन घटनाओं ने पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है।

सबसे हृदयविदारक घटना बिजली डैम के पास सामने आई, जहां खड़कागांव पंचायत की एक महिला अपने दो बच्चों के साथ मछली पकड़ने गई थी। इसी दौरान बच्चे गहरे पानी में डूबने लगे। उन्हें बचाने के प्रयास में मां भी पानी में कूद गई, जबकि मां को बचाने के लिए दूसरा बच्चा भी पानी में उतर गया। इस दर्दनाक हादसे में मां सहित दोनों बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बांध के समीप होने के कारण परिवार अक्सर वहां मछली पकड़ने जाया करता था।

 

दूसरी घटना छोटे डोंगर आमडई माइंस क्षेत्र में हुई, जहां एक बस और मालवाहक ट्रक की टक्कर में दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए। इनमें से तीन ग्रामीणों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

तीसरी घटना नेशनल हाईवे 130डी पर हुई, जो अबूझमाड़ को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले निर्माणाधीन मार्ग पर है। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। दुर्घटना में ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।

 

चौथी घटना फरसगांव के पास सामने आई, जहां एक मालवाहक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया और वह पेड़ से जा टकराया। इस हादसे में भी ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हुआ है।

 

इन लगातार घटनाओं के बीच वन मंत्री केदार कश्यप जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने दुख की इस घड़ी में परिवारों को हर संभव सहायता और साथ देने का भरोसा दिलाया। मंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

लगातार हुई इन चार घटनाओं ने नारायणपुर जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन और पुलिस द्वारा सभी घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है। यह दिन जिले के लिए एक बेहद दुखद दिन के रूप में दर्ज हो गया है, जो सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाता है।

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