
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर CM साय का तीखा हमला: “महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को जनता देगी जवाब”
रायपुर, 18 अप्रैल 2026। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस सहित ‘इंडी’ गठबंधन ने मिलकर इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जिससे देश की करोड़ों महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री Narendra Modi के राष्ट्र के नाम संबोधन का श्रवण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल थी। लेकिन विपक्षी दलों—कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके—ने मिलकर इसे रोक दिया, जो महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को “घोर महापाप” बताते हुए कहा कि इससे देश की लगभग 70 करोड़ माताओं और बहनों के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस घटना को कभी नहीं भूलेंगी और आने वाले समय में इसका राजनीतिक परिणाम भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह अधिनियम भविष्य में जरूर पारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया।
विपक्ष की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करना केवल एक विधेयक का विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इसे भ्रूण हत्या जैसे निंदनीय कृत्य के समान बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति देशहित और समाजहित दोनों के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब भी देश में बड़े और सकारात्मक बदलाव की पहल होती है, तब विपक्ष बाधा डालने का काम करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कार्यप्रणाली अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” की नीति से प्रेरित रही है, जहां सुधारों की बात तो की जाती है, लेकिन उन्हें लागू करने के समय पीछे हट जाया जाता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है और ऐसे कृत्यों को स्वीकार नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि केंद्र और राज्य सरकारें नारी सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर ही रहेंगी।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।