
5 रुपए के नोट का झांसा, लाखों की ठगी: साइबर ठग गिरोह का मास्टरमाइंड हरियाणा से गिरफ्तार
खैरागढ़। पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों रुपये दिलाने का लालच देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छुईखदान पुलिस और साइबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड मोहम्मद जाहिर (19 वर्ष) को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को पुराने नोटों और सिक्कों की ऊंची कीमत दिलाने का झांसा देता था। इसी तरह ग्राम पदमावतीपुर निवासी नेताराम देवांगन भी इस ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने छुईखदान थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें ₹5 के पुराने नोट के बदले ₹37.94 लाख दिलाने का लालच दिया गया।
ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने प्रोसेसिंग फीस, कस्टम चार्ज और अन्य बहानों से अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹11.70 लाख ट्रांसफर कर दिए। जब लंबे समय तक कोई राशि नहीं मिली और संपर्क भी टूट गया, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस की शरण ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल के साथ मिलकर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन हरियाणा के नूंह जिले में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आरोपी को धर दबोचा।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ठगी के लिए 20 से अधिक बैंक खातों और 30 से 40 फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। इसके जरिए वह अलग-अलग लोगों को निशाना बनाकर रकम ऐंठता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड और ₹4000 नगद बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह के लालच भरे ऑफर से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें। खासकर पुराने नोट या सिक्कों के बदले बड़ी रकम दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की जरूरत है।
यह कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन सतर्कता और समय पर शिकायत से ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकता है।