“CG News” : नुआखाई, महाष्टमी और गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश, प्रदेश में उत्सव और परंपरा को मिला सम्मान

नुआखाई, महाष्टमी और गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश, प्रदेश में उत्सव और परंपरा को मिला सम्मान

 

छत्तीसगढ़ में परंपरा, संस्कृति और लोक जीवन से जुड़े प्रमुख पर्वों को सम्मान देते हुए राज्य सरकार ने नुआखाई पर्व, महाष्टमी और गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसके बाद पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल बन गया है। इस निर्णय को सांस्कृतिक अस्मिता और परंपराओं के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

नुआखाई पर्व विशेष रूप से छत्तीसगढ़ और ओडिशा अंचल में कृषि संस्कृति से जुड़ा एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन नए धान की फसल का स्वागत किया जाता है और किसान अपनी मेहनत के फल के लिए ईश्वर का आभार व्यक्त करते हैं। यह पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक जीवनशैली का प्रतीक भी है। ऐसे में इस दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा से लोगों को अपने परिवार और समाज के साथ इस पर्व को पूरी आस्था और उत्साह के साथ मनाने का अवसर मिलेगा।

 

इसी तरह महाष्टमी और गोवर्धन पूजा भी भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखते हैं। महाष्टमी दुर्गा पूजा का एक अहम दिन होता है, जिसमें शक्ति की उपासना की जाती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वहीं गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौसंवर्धन और कृषि परंपरा से जुड़ा हुआ पर्व है, जो लोगों को पर्यावरण और जीवों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश देता है।

 

राज्य सरकार के इस निर्णय पर विधायक पुरंदर मिश्रा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की संस्कृति, रीति-नीति और सभ्यता को सम्मान देने वाला है। इससे लोगों में अपनी परंपराओं के प्रति गर्व की भावना और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे निर्णय समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने और पारिवारिक व सामाजिक मूल्यों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रदेश में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि स्थानीय और पारंपरिक पर्वों को भी उतना ही महत्व दिया जाए जितना अन्य राष्ट्रीय त्योहारों को मिलता है। सरकार द्वारा इस दिशा में उठाया गया यह कदम न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा।

 

तेजी से बदलते आधुनिक दौर में जब लोग अपनी पारंपरिक जीवनशैली से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार के निर्णय समाज को संतुलन प्रदान करते हैं। यह न केवल त्योहार मनाने का अवसर देता है, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखने का भी माध्यम बनता है।

 

कुल मिलाकर नुआखाई, महाष्टमी और गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा से प्रदेश में खुशी का माहौल है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार परंपरा, संस्कृति और सामाजिक भावनाओं को महत्व देती है। अब लोग इन पर्वों को पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारिवारिक एकता के साथ मना सकेंगे, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और खुशियों का संचार होगा।

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