
दंडकारण्य दर्पण
विश्व बंजारा दिवस पर सेवा और संस्कार की मिसाल, मरीजों के बीच बांटी खुशियां
कोंडागांव। फरसगांव ब्लॉक में विश्व बंजारा दिवस के अवसर पर बंजारा समाज ने सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक एकता का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। इस मौके पर समाज के लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मरीजों के बीच फल और शीतल पेय पदार्थ वितरित किए तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत समाज की आराध्य देवी मेरामां याड़ी और धर्मगुरु संत श्री सेवालाल महाराज के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद समाज के सदस्य स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां भर्ती मरीजों का हालचाल जानकर सेवा भाव का परिचय दिया।
विश्व बंजारा दिवस को बंजारा समुदाय की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और इतिहास को सहेजने और उसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस समाज की एकता, स्वाभिमान और संघर्ष की गाथा को याद करने का अवसर भी प्रदान करता है। इसकी पृष्ठभूमि 8 अप्रैल 1981 को जर्मनी में आयोजित रोमा, जिप्सी और बंजारा समाज की ऐतिहासिक बैठक से जुड़ी मानी जाती है, जिसने इस समुदाय को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के वरिष्ठजनों ने इस अवसर पर कहा कि यह दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि अपनी पहचान, संस्कृति और विरासत को सहेजने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के संघर्षों से प्रेरणा लेकर समाज को एकजुटता और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ाना ही इस दिवस का उद्देश्य है।
कार्यक्रम में बंजारा समाज महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष ललित भारद्वाज, पूर्व जिला सलाहकार बसंत चौहान, फरसगांव ब्लॉक अध्यक्ष भुवनेश्वर भारद्वाज, जग्गू भारद्वाज, हीराबाई भारद्वाज, राजकुमार भारद्वाज, सुमित्रा भारद्वाज, कमल चौहान, भारत भारद्वाज, हेमराज भारद्वाज, अंजू भारद्वाज, सपना भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।