
20 लाख के इनामी माओवादी नेता का आत्मसमर्पण, AK-47 के साथ पुलिस के सामने आए
आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय और 20 लाख रुपये के इनामी दो वरिष्ठ माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं ने अपने साथियों के साथ पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए।
आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान चेल्लुरी नारायण राव उर्फ सुरेश और बीके उर्फ सुरन्ना उर्फ सोमनना के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों माओवादी संगठन में शीर्ष स्तर पर सक्रिय थे और इन्हें SZCM/SMC चीफ बताया जा रहा है।
AK-47 के साथ किया आत्मसमर्पण
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण के दौरान दोनों नेताओं ने एक AK-47 हथियार भी जमा कराया। उनके साथ 5 से 6 अन्य माओवादी कैडर भी मौजूद थे, जिन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
यह आत्मसमर्पण आंध्र प्रदेश के डीजीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। अधिकारियों ने इसे राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
लंबे समय से थे सक्रिय
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों माओवादी नेता लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे और कई गतिविधियों में उनकी भूमिका रही है। सरकार ने इनके सिर पर 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, जो इनके प्रभाव और संगठन में उनकी स्थिति को दर्शाता है।
श्रीकाकुलम जिले से जुड़ा है संबंध
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेल्लुरी नारायण राव और बीके उर्फ सुरन्ना का संबंध आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के ग्राम बाथुपुरम, थाना वज्रपु कोथुरु क्षेत्र से है।
मुख्यधारा में लौटने की पहल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के समय में माओवादी संगठन से जुड़े कई सदस्य आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसके पीछे सरकार की पुनर्वास नीतियां और लगातार चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान को अहम कारण माना जा रहा है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार की नीति के तहत पुनर्वास और सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।
नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती
इस तरह के आत्मसमर्पण से न केवल संगठन की संरचना कमजोर होती है, बल्कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को भी बल मिलता है।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अब भी सतर्क हैं और बाकी सक्रिय माओवादी कैडरों के खिलाफ अभियान जारी है।