CG News: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक प्रशिक्षण आयोजित

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक प्रशिक्षण आयोजित

 

नारायणपुर जिले के गढ़बेंगाल गांव में किसानों को दी गई व्यावहारिक जानकारी

नारायणपुर के गढ़बेंगाल गांव में ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’ 2025-26 के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय किसानों और कृषि सखियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

कार्यक्रम का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र के मार्गदर्शन में किया गया, जहां विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व और उसकी तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

 

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्यान्न उत्पादन के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना जरूरी है। इसके स्थान पर प्राकृतिक विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया गया।

 

प्रशिक्षण के दौरान कीट प्रबंधन पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें रासायनिक कीटनाशकों से होने वाले नुकसान और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्न्यास्त्र जैसे प्राकृतिक घोल तैयार करने की विधि और उनके उपयोग की तकनीक समझाई गई।

 

विशेषज्ञों ने प्राकृतिक तरीके से सब्जी उत्पादन, मिट्टी की गुणवत्ता सुधार और खेती में जैविक तत्वों के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घन जीवामृत और मल्चिंग जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान किसानों की शंकाओं का समाधान किया गया, जिससे वे प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हुए। कई किसानों ने अपने खेतों में इस पद्धति को लागू करने की सहमति भी जताई।

 

एक अनुभवी किसान ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य किसानों को व्यावहारिक समझ मिली और उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

 

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्राकृतिक खेती के इस अभियान को गांव के हर किसान तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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