Chhattisgarh: अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचीं शासन की योजनाएं, आंगनबाड़ी सेवाओं से खिलखिला उठा बचपन

 

 

 

 

दंडकारण्य दर्पण

नारायणपुर | 18 मार्च 2026

 

 

अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचीं शासन की योजनाएं, आंगनबाड़ी सेवाओं से खिलखिला उठा बचपन

 

दशकों से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार साफ दिखाई देने लगी है। जिला प्रशासन नारायणपुर के सतत प्रयासों से शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाएं अब उन अंतिम छोरों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

 

कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग के मार्गदर्शन में सुदूर ग्रामों में पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया गया है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में नई उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है।

 

इन गांवों में शुरू हुई आंगनबाड़ी सेवाएं

जिला प्रशासन की पहल पर हितावाड़ा पंचायत के आश्रित ग्राम बेड़मा और धूरबेड़ा, साथ ही कच्चापाल पंचायत के ग्राम आदिमपार एवं कोड़ेनार में आंगनबाड़ी केंद्रों का सफल संचालन प्रारंभ किया गया है।

 

पूर्व में इन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के अभाव के कारण बच्चे, गर्भवती एवं धात्री माताएं आवश्यक पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहती थीं। अब इन केंद्रों के शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है।

 

 

हितग्राहियों को मिल रहा सीधा लाभ

 

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

 

बेड़मा में 32 बच्चों सहित 3 गर्भवती व 3 धात्री माताओं को पोषण आहार

 

आदिमपार में 10 बच्चों एवं माताओं को लाभ

 

कोड़ेनार में 36 बच्चों सहित अन्य पात्र महिलाओं को योजनाओं का फायदा

 

 

इन सेवाओं से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिली है और ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

 

ग्रामीणों में खुशी, विकास की नई उम्मीद

 

स्थानीय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की उपलब्धता पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

 

 

 

 

प्रशासन की प्रतिबद्धता

 

नारायणपुर जिला प्रशासन अबूझमाड़ के प्रत्येक नागरिक तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने और आने वाली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 

 

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