Chhattisgarh: नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में नया सुरक्षा कैंप, बोटेर में पुलिस और आईटीबीपी की तैनाती

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षा बलों ने खोला नया कैंप, अबूझमाड़ क्षेत्र में बढ़ेगी पहुंच

 

नारायणपुर के नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षा और विकास गतिविधियों को बढ़ाने के प्रयासों के तहत Narayanpur Police ने अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम बोटेर में एक नया सुरक्षा और जन सुविधा कैंप स्थापित किया है।

पुलिस के अनुसार यह कैंप 9 मार्च 2026 को थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत खोला गया। इसे नक्सल विरोधी “माड़ बचाओ अभियान” के तहत स्थापित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ सड़क और अन्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

यह कैंप जिला मुख्यालय नारायणपुर से करीब 90 किलोमीटर और ओरछा से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। सुरक्षा बलों के मुताबिक इस कैंप के बनने से आसपास के गांव—वेरकोटी, नीचेवारा, कुरकसा, गुंडेकोट और बोटेर—में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में सहायता मिलेगी।

 

इस अभियान में Indo‑Tibetan Border Police की 38वीं, 44वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं वाहिनी के जवानों के साथ जिला पुलिस, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स शामिल रहे।

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस इलाके में पहले दशकों से सड़क और प्रशासनिक पहुंच सीमित रही है। बोटेर में नया कैंप बनने से कुमनार से सोनपुर होते हुए भैरमगढ़ (बीजापुर) तक सड़क संपर्क मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के आवागमन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी होगी।

 

अधिकारियों का कहना है कि अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पिछले वर्षों में कई नए कैंप स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार और बोटेर में ऐसे कैंप खोले जा चुके हैं।

 

पुलिस का कहना है कि इन कैंपों का उद्देश्य नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना है।

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