
दुर्ग में भाजपा नेता के फार्महाउस पर ‘अफीम की खेती’ का मामला: कांग्रेस ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में एक भाजपा पदाधिकारी के फार्महाउस में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार से जवाब मांगा है।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा से जुड़े पदाधिकारी विनोद ताम्रकर के फार्महाउस में करीब 9.50 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की गई थी। कांग्रेस का कहना है कि अफीम की खेती कानूनन अपराध है, ऐसे में इतने बड़े स्तर पर यह खेती बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं हो सकती।
नारायणपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान ने प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी के पदाधिकारी को किस बड़े नेता या मंत्री का संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण वह खुलेआम इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती कर रहा था।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, राज्य के गृह मंत्री, कृषि मंत्री और दुर्ग के विधायक एवं शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से इस मामले में जवाब देने की मांग की है।
राजेश दीवान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में नशे का कारोबार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हुक्का बार बंद किए गए थे, युवाओं को रोजगार देने और अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने जैसे कदम उठाए गए थे ताकि युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकें।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विनोद ताम्रकर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ देखी जा सकती हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद तोखन साहू और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ तस्वीरें होने का दावा किया गया है।
कांग्रेस का कहना है कि अगर भाजपा केवल विनोद ताम्रकर को पार्टी से निष्कासित करती है तो इससे मामला खत्म नहीं होगा। पार्टी को यह भी बताना चाहिए कि इस कथित अफीम की खेती के पीछे किस नेता का संरक्षण था।
इस प्रेस वार्ता में रजनू नेताम, देवनाथ उसेंडी, रघु मानिकपुरी, पंडी राम वड्डे, रवि देवांगन, शेख तौहीद अहमद, संतोष राव, वीपी शुक्ला, प्रमोद नैलवाल, बोधन देवांगन, विजय सलाम, शेख महमूद, शिव कुमार पांडेय, मधेश्वर जैन, अल्ताफ खान, सुक्कू सलाम और राकेश केशरिया सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।