
छत्तीसगढ़: नारायणपुर के दो सुदूर गांवों में पहली बार पहुंची बिजली, 41 परिवारों के घरों में जली रोशनी
नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास की रफ्तार धीरे-धीरे दिखाई देने लगी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत नारायणपुर जिले के दो दूरस्थ गांवों कदेर और होरादी में पहली बार बिजली पहुंचाई गई है।
बिजली पहुंचने के बाद इन गांवों के 41 परिवारों के घरों में पहली बार रोशनी जली है। दशकों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के लिए यह बदलाव किसी बड़े उत्सव से कम नहीं माना जा रहा।
कदेर गांव में 12 परिवारों को मिला कनेक्शन
नारायणपुर संभाग की छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) की ओर से ग्राम कदेर में विद्युत विस्तार का काम किया गया।
इस परियोजना पर लगभग 44 लाख 16 हजार रुपये खर्च किए गए। इसके पूरा होने के बाद गांव के 12 परिवारों को पहली बार बिजली कनेक्शन मिला है।
होरादी में 29 घरों तक पहुंची बिजली
इसी तरह ग्राम होरादी में भी बिजली विस्तार का काम किया गया। यहां लगभग 46 लाख 42 हजार रुपये की लागत से परियोजना पूरी की गई।
इससे गांव के 29 परिवारों को बिजली सुविधा मिली है।
इस तरह दोनों गांवों के कुल 41 परिवार अब विद्युत सुविधा से जुड़ गए हैं।
दुर्गम जंगलों में काम करना था बड़ी चुनौती
अधिकारियों के मुताबिक इन गांवों तक बिजली पहुंचाना आसान नहीं था। घने जंगल, दुर्गम रास्ते और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच विभागीय टीम ने लगातार काम करते हुए विद्युत लाइन विस्तार का कार्य पूरा किया।
यह काम जिला प्रशासन के निर्देशन में पूरा किया गया।
बिजली पहुंचने से बदलने की उम्मीद
ग्रामीण इलाकों में पहली बार बिजली पहुंचने से अब कई बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बनेगा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और आजीविका से जुड़े छोटे-मोटे काम भी शुरू किए जा सकेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों बाद अपने घरों में रोशनी देखकर गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है।
अन्य दूरस्थ गांवों को भी जोड़ा जाएगा
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियद नेल्लानार योजना के तहत आने वाले समय में जिले के अन्य दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली सुविधा से जोड़ने की योजना है।