
नारायणपुर: अति संवेदनशील जिले में निजी पहल से शिक्षा की नई मिसाल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में, जिसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र माना जाता रहा है, एक निजी विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाने का दावा किया है।
2016 में हुई स्थापना, 2025 में मिली सीबीएसई संबद्धता
नारायणपुर में वर्ष 2016 में स्थापित आदेश्वर अकैडमी का उद्देश्य जिले में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर आधारित एक ऐसी संस्था विकसित करना था, जहां नई तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा सके।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, लगातार प्रयासों के बाद वर्ष 2025 में इसे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), नई दिल्ली से संबद्धता प्राप्त हुई। वर्तमान में यह विद्यालय नर्सरी से लेकर कक्षा दसवीं तक संचालित हो रहा है और जिले का एकमात्र निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल बताया जा रहा है।
स्टूडेंट-लेड कॉन्फ्रेंस में बच्चों ने संभाली कमान
28 फरवरी 2026 को स्कूल परिसर में “स्टूडेंट लेड कॉन्फ्रेंस” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसकी पूरी रूपरेखा और संचालन में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के दौरान विज्ञान प्रदर्शनी, आर्ट गैलरी, माइंड गेम लैब गतिविधियां, कक्षा आधारित प्रस्तुतियां और आनंद मेला जैसे आयोजन किए गए। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट और गतिविधियों को स्वयं प्रस्तुत किया और अभिभावकों को उनकी कार्यप्रणाली समझाई।
अभिभावकों की सराहना, आत्मविश्वास पर जोर
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कई अभिभावकों ने बच्चों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल की सराहना की।
प्रबंधन के अनुसार, प्रदर्शनी में आए लोगों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय की प्रबंधन टीम के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
चुनौतियों के बीच शिक्षा का प्रयोग
विशेषज्ञ मानते हैं कि दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संस्थान स्थापित करना आसान नहीं होता। ऐसे में नारायणपुर जैसे जिले में आधुनिक शिक्षण मॉडल पर आधारित विद्यालय का संचालन स्थानीय शिक्षा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है।