National: छत्तीसगढ़ के DMF फंड मामले में पूर्व IAS अनिल टुटेजा गिरफ्तार, 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड

 

 

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित DMF (जिला खनिज न्यास) फंड मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप पाए गए हैं।

 

क्या है मामला?

DMF यानी जिला खनिज न्यास (District Mineral Foundation) निधि का गठन खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए किया गया था। इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए किया जाना है।

 

EOW के मुताबिक जांच में सामने आया है कि DMF निधि से जुड़े कार्यों में कथित तौर पर कमीशन लिया गया और कुछ परिचितों को लाभ पहुंचाया गया। एजेंसी का यह भी दावा है कि रिश्तेदारों और करीबियों की फर्मों को काम दिलाने के आरोप सामने आए हैं।

 

EOW का क्या कहना है?

 

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने दावा किया है कि जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्ट आचरण से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

हालांकि, इन आरोपों पर पूर्व आईएएस अधिकारी या उनके वकीलों की ओर से अभी तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

कोर्ट में पेशी और रिमांड

 

गिरफ्तारी के बाद अनिल टुटेजा को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान EOW उनसे मामले में पूछताछ करेगी और कथित वित्तीय लेन-देन व फर्मों के संबंधों की जांच आगे बढ़ाएगी।

 

आगे क्या?

 

जांच एजेंसी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है। वहीं, इस मामले को लेकर राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।

 

 

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