Chhattisgarh: अबूझमाड़ में सुरक्षा बलों का नया कैंप: आदनार में तैनाती, पुलिस बोली—“नक्सलमुक्ति की दिशा में अहम कदम”

 

नारायणपुर 23 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक और नया कैंप स्थापित किया है। नारायणपुर पुलिस के अनुसार, थाना सोनपुर क्षेत्र के ग्राम आदनार में खोला गया यह कैंप वर्ष 2026 का पांचवां सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम “शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

पुलिस के मुताबिक, यह कैंप नक्सल विरोधी “माड़ बचाओ” अभियान के तहत स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को गति देना है।

 

किन बलों की रही भूमिका

 

अधिकारियों ने बताया कि कैंप की स्थापना में जिला पुलिस के साथ डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 129वीं और 133वीं वाहिनी की संयुक्त भूमिका रही।

 

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज, नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में यह अभियान संचालित किया गया।

 

कहाँ स्थित है आदनार कैंप

 

पुलिस के अनुसार, आदनार कैंप जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 76 किलोमीटर दूर है। यह थाना सोनपुर से 46 किलोमीटर, कांदुलनार से 17 किलोमीटर, कुरसकोड़ो से 11 किलोमीटर और हच्चेकोटी कैंप से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

 

यह इलाका लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के प्रभाव में रहा है और अबूझमाड़ के दुर्गम हिस्सों में गिना जाता है।

 

क्या होगा असर

 

अधिकारियों का दावा है कि कैंप स्थापित होने से कुमुदगुण्डा, वरकोर, देवरकोर, एलूर, ताडोगुण्डा, आमाकाल और आदनार जैसे गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेज होगा।

 

साथ ही, कांदुलनार-कोरसकोड़ो-हच्चेकोटी-आदनार मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आदनार से सोनपुर होते हुए कोयलीबेड़ा (जिला कांकेर) तक सड़क संपर्क स्थापित होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी।

 

पहले भी खुले हैं कई कैंप

 

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में कुतुल सहित कई अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किए गए थे। वहीं 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी और अब आदनार में कैंप खोले जा चुके हैं।

 

अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास योजनाओं को ज़मीन पर उतारना है।

 

हालांकि, अबूझमाड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की बढ़ती मौजूदगी को लेकर विभिन्न सामाजिक और मानवाधिकार समूह समय-समय पर अपनी चिंताएँ भी जताते रहे हैं। फिलहाल प्रशासन का जोर क्षेत्र में सड़क, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है।

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