
महिला आरक्षक से दुष्कर्म के आरोप में डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके निलंबित
छत्तीसगढ़ में एक महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बाद डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया गया है। यह जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के हवाले से सामने आई है।
क्या है मामला?
करीब छह महीने पहले जिले के डौंडी थाना क्षेत्र में तैनात एक महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दिलीप उइके ने शादी का झांसा देकर सात वर्षों तक उसके साथ संबंध बनाए।
महिला आरक्षक का आरोप है कि इस दौरान वह तीन बार गर्भवती हुईं और हर बार उनका जबरन गर्भपात कराया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने उनके नाम पर एक कार खरीदी और तीन लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए।
जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी कथित तौर पर टालमटोल करता रहा और बाद में संपर्क भी बंद कर दिया।
उस समय कहां पदस्थ थे?
आरोप लगने के समय दिलीप उइके बीजापुर जिले में पदस्थ थे। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
पीड़िता ने छह महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त सूचना में उनके निलंबन की पुष्टि हुई।
आगे क्या?
मामले की जांच जारी है। फिलहाल निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई के तहत किया गया है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
(यदि आपको या आपके परिचित को यौन हिंसा से संबंधित सहायता की आवश्यकता हो, तो स्थानीय पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है।)