
कृषि विज्ञान केंद्र, केरलापाल में छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 10 बालिकाओं ने सीखी आधुनिक कृषि व स्वरोजगार की तकनीक
नारायणपुर – महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला नारायणपुर द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शुक्रवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिंजली की 10 चयनित छात्राओं के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), केरलापाल में शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। भ्रमण के दौरान छात्राओं को केंद्र की विभिन्न तकनीकी इकाइयों का विस्तृत अवलोकन कराया गया तथा आधुनिक कृषि एवं स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. हरेंद्र टांडे, डॉ. अंकिता सिंह एवं डॉ. आलिया अफरोज ने छात्राओं को प्राकृतिक खेती के सिद्धांत, नर्सरी प्रबंधन तकनीक और सतत कृषि पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया। वैज्ञानिकों ने प्रदर्शन इकाइयों के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी साझा की और कृषि को आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बताया।
मशरूम उत्पादन व हर्बल गुलाल बनाना सीखा
भ्रमण के दौरान छात्राओं को मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि कम स्थान और कम लागत में मशरूम उत्पादन कर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। साथ ही आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक फूलों एवं औषधीय पौधों से हर्बल गुलाल तैयार करने की विधि भी सिखाई गई।
पशुपालन व वर्मी कम्पोस्ट इकाई का किया निरीक्षण
छात्राओं ने पशुपालन, मुर्गी पालन एवं वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) इकाइयों का भी निरीक्षण किया। यहां अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक खाद निर्माण और अतिरिक्त आय के स्रोतों के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन लघु कृषि-आधारित उद्यमों से बालिकाएं भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं के किताबी ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में बदलना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना है। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि तथा कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।