National: छत्तीसगढ़ में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2’ की तैयारी, नक्सल उन्मूलन पर सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के ख़िलाफ़ एक नए अभियान की तैयारी के बीच सियासत तेज़ हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से करेंगुट्टालु की पहाड़ियों पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2’ शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसे नक्सल विरोधी रणनीति के अगले चरण के तौर पर देखा जा रहा है।

 

राज्य सरकार का कहना है कि बीते दो वर्षों में नक्सलवाद के ख़िलाफ़ अभियान तेज़ हुए हैं और बस्तर क्षेत्र में संगठन की पकड़ कमजोर हुई है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि “डबल इंजन की सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए प्रभावी काम किया है। बस्तर में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए अलग रोडमैप तैयार किया गया है।”

 

सरकार का दावा है कि अभियान पूरी तरह ‘टारगेटेड’ है और इसका उद्देश्य केवल सक्रिय नक्सली कैडर के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना है।

 

हालांकि विपक्ष ने इस अभियान को लेकर सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गर्मियों के मौसम में आदिवासी समुदाय के लोग इमली, महुआ, चिरौंजी और लकड़ी इकट्ठा करने जंगल जाते हैं। ऐसे में निर्दोष ग्रामीणों को नक्सली बताकर कार्रवाई किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

कांग्रेस ने हाल की कुछ मुठभेड़ों को फर्जी करार देते हुए सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सुरक्षा अभियानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

 

इधर सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कह रही है कि सभी कार्रवाई खुफिया इनपुट और स्थापित प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है।

बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से नक्सल गतिविधियां सुरक्षा और विकास दोनों के लिए चुनौती रही हैं। ऐसे में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट-2’ को लेकर आने वाले दिनों में ज़मीनी हालात और राजनीतिक बहस — दोनों पर नज़र रहेगी।

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