
रायपुर, 19 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ की वादियों से निकलकर प्रदेश की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 फरवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। जशपुर जिला के ग्राम बगिया में जन्मे साय ने दो वर्षों के अपने कार्यकाल में राज्य की राजनीति और प्रशासन को नई दिशा देने का प्रयास किया है। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने वाले साय के नेतृत्व में सरकार ने किसान, महिला और बुनियादी ढांचे को केंद्र में रखकर कई बड़े फैसले किए हैं।
किसानों को होली से पहले 10 हजार करोड़ की सौगात
कैबिनेट के ताजा फैसले में सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले करने का निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई है।
कृषक उन्नति योजना के तहत इस बार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में जाएंगे। बीते दो वर्षों में इसी मद में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। होली से पूर्व होने वाले भुगतान के बाद यह आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई रौनक आएगी।
महिला सशक्तिकरण पर फोकस, 2026 ‘महतारी गौरव वर्ष’
सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित किया है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। 42 हजार 878 महिला स्व-सहायता समूहों को आसान ऋण के रूप में 129.46 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 संचालित हैं। पंचायत स्तर पर 179 महतारी सदनों का निर्माण और नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल निर्माण की तैयारी भी सरकार की प्राथमिकताओं में है।
आवास, जल और बिजली पर जोर
राज्य में 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई है। 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा चुका है। 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं और 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं से 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार शत-प्रतिशत विद्युतीकरण की दिशा में भी काम कर रही है।
उद्योग और बुनियादी ढांचे में तेजी
नवीन औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना से बस्तर को रेल नेटवर्क से जोड़ने की पहल तेज हुई है। जगदलपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-विशाखापट्नम सड़क परियोजनाओं से कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
समावेशी नेतृत्व की छाप
मुख्यमंत्री साय ने कृषक उन्नति योजना, नियद नेल्ला नार और अखरा निर्माण योजना जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है। एक किसान पुत्र और आदिवासी समाज से आने वाले नेता के रूप में उन्होंने जमीनी सरोकारों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।
दो वर्षों का कार्यकाल पूरा कर रहे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लिए यह जन्मदिन उपलब्धियों और नई चुनौतियों के बीच आत्ममंथन का भी अवसर है। सरकार का दावा है कि ईमानदार नेतृत्व और जनकेंद्रित योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ विकास की नई इबारत लिख रहा है।