Chhattisgarh: कृषि विभाग के आरईओ सोशल मीडिया स्टार लकेश कुमार सेठिया का दो माह का वेतन रोका साप्ताहिक बैठकों में अनुपस्थिति और लापरवाही बनी कारण

कृषि विभाग के आरईओ सोशल मीडिया स्टार लकेश कुमार सेठिया का दो माह का वेतन रोका

 

साप्ताहिक बैठकों में अनुपस्थिति और लापरवाही बनी कारण

कोंडागांव।

जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरईओ) लकेश कुमार सेठिया का कृषि विभाग द्वारा नवंबर एवं दिसंबर माह का वेतन रोक दिया गया है। यह कार्रवाई साप्ताहिक बैठकों में लगातार अनुपस्थित रहने, क्षेत्रीय कार्यों की जानकारी संधारित नहीं करने तथा जारी शो-कॉज नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं करने के कारण की गई है।

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आरईओ लकेश कुमार सेठिया भानपुरी में पदस्थ हैं तथा उन्हें आलोर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके बावजूद वे फरसगांव कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक बैठकों में शामिल नहीं हो रहे थे, जिससे विभागीय योजनाओं और किसानों से जुड़े कार्यों की जानकारी कार्यालय तक नहीं पहुंच पा रही थी।

इस संबंध में *फरसगांव कृषि विभाग के प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी तुलसी राम नेताम ने बताया* कि आरईओ की लगातार अनुपस्थिति से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान कार्यालय पहुंचकर संबंधित आरईओ के बारे में जानकारी ले चुके हैं। साथ ही यह भी सूचना है कि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते।

साप्ताहिक बैठकों में अनुपस्थिति को लेकर पूर्व में शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था, किंतु अब तक कोई स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ। इसी कारण नवंबर और दिसंबर माह का वेतन रोके जाने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार को भी वे बिना अवकाश के साप्ताहिक बैठक में अनुपस्थित पाए गए, जिस पर पुनः नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।

 

*कार्यशैली पर उठे सवाल*

 

न किसान से संपर्क, न कार्यालय उपस्थिति

आरईओ की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। न तो किसानों से नियमित संपर्क की पुष्टि हो पा रही है और न ही कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है।

*सूत्रों के अनुसार* , साप्ताहिक बैठक के दिन आरईओ को बड़ेराजपुर क्षेत्र में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता में देखा गया, जबकि वह क्षेत्र उनके कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं है। बिना पूर्व सूचना या अवकाश के कार्यक्षेत्र से बाहर पाया जाना शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही की ओर संकेत करता है। अब यह देखना होगा कि कृषि विभाग इस मामले में आगे क्या प्रशासनिक कार्रवाई करता है।

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