National : नक्सली संगठन के टाॅप वरिष्ठ बटालियन नंबर-1 कमांडर बारसे देवा ने अपने 40 साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने करेंगें सरेंडर… 

संवाददाता- दीपक गोटा

 

 

 

नक्सली संगठन के टाॅप वरिष्ठ बटालियन नंबर-1 कमांडर बारसे देवा ने अपने 40 साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने करेंगें सरेंडर…

छत्तीसगढ़ : के बस्तर क्षत्रों से नक्सल मोर्चे पर 2 जनवरी 2026 की सबसे बड़ी सफलता कि खबर सामने आई है कि माओवादियों की सबसे घातक बटालियन नंबर-1 के कमांडर बारसे देवा उर्फ सुक्का ने अपने लगभग 40 साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है

 

का कहना है कि- बारसे देवा और उसके साथी नेशनल पार्क क्षेत्र से निकलकर तेलंगाना पहुंचे- जहाँ उन्होंने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) के समक्ष हथियार डाल करेंगें सरेंडर-तेलंगाना पुलिस अगले एक-दो दिनों में बारसे देवा और अन्य माओवादियों को औपचारिक रूप से पेश कर सकती है

 

बारसे देवा छत्तीसगढ़ के सबसे वांछित नक्सलियों में से एक था- जिस पर 50 लाख रूपये का इनाम घोषित था-वह मारे गए शीर्ष कमांडर माड़वी हिड़मा का बेहद करीबी था और उसकी मृत्यु के बाद बटालियन नंबर-1 की कमान संभाल रहा था

 

जंगल से बाहर सुरक्षित निकालने के लिए सुकमा और तेलंगाना सीमा पर एक सेफ कॉरिडोर तैयार किया गया था

 

माओवादियों की रीढ़ टूटी

 

बारसे देवा को माओवादी संगठन का हार्डकोर रणनीतिक कमांडर माना जाता है-वह बस्तर-दंतेवाड़ा- बीजापुर और सुकमा क्षेत्र में कई बड़े हमलों की योजना और क्रियान्वयन से जुड़ा रहा है-उसकी बटालियन नंबर-1 माओवादियों की सबसे प्रशिक्षित और हथियारबंद यूनिट मानी जाती है

 

सुरक्षा बलों के लिए इसे एक ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है क्योंकि इसके साथ ही नक्सलियों की मिलिट्री विंग PLGA बटालियन नंबर-1 का नेटवर्क काफी कमजोर हो गया है

 

जिससे यह समर्पण केंद्र और राज्य सरकारों के मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है

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