National : अरावली पर्वतमाला: RIP,अभी ज़िंदा है पर रिकॉर्ड में नहीं! 

अरावली पर्वतमाला: RIP,अभी ज़िंदा है पर रिकॉर्ड में नहीं! 

 

अरावली पिछले 400 करोड़ साल से खड़ी थी। रेगिस्तान रोकती रही,पानी जमा करती रही,हवा फ़िल्टर करती रही।

 

पर एक दिन किसी ने कहा “भाई,तू 100 मीटर की नहीं है तो तू पहाड़ कैसे हुई?” और बस अरावली भूगोल से नहीं,परिभाषा से मर गई।

 

अगर अरावली नहीं होती तो?

* दिल्ली को नया टैग मिलता ‘थार रेगिस्तान,सेक्टर–दिल्ली’

* पानी म्यूज़ियम में रखा जाता “यह कभी नल से आता था।”

* सांस लेना लक्ज़री बन जाता EMI पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध।

लेकिन घबराइए मत। क्योंकि विकास हो रहा है। पहाड़ कटेंगे,प्लॉट बनेंगे,मॉल खुलेंगे और AC में बैठकर हम ग्लोबल वॉर्मिंग पर सेमिनार करेंगे।

 

अरावली अब भी बाहर खड़ी है। धूप में,धूल में,चुपचाप। बस फर्क इतना है कि अब उसे पहाड़ मानना “लीगल” नहीं रहा।

और हाँ,जब रेगिस्तान आपके ड्राइंग रूम में आए तो याद रखिएगा,वो बिना नोटिस के नहीं आया था। हमने ही उसे न्योता दिया था।

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